राष्ट्रीय · महाराष्ट्र
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती 2027 Chhatrapati Shivaji Maharaj Jayanti
छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मदिन
शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2027
शिवाजी जयंती मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती है, जिसे पूरे महाराष्ट्र में ख़ास उत्साह के साथ मनाया जाता है।
तारीख कैसे तय होती है: निश्चित तारीख़: 19 फ़रवरी, छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मतिथि; कुछ समूह इसे फाल्गुन कृष्ण तृतीया की तिथि पर भी मनाते हैं
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती क्यों मनाते हैं
छत्रपति शिवाजी महाराज को ऐसे शासक के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने कुछ पहाड़ी क़िलों से एक राज्य खड़ा किया और मराठी लोगों को स्वशासन का भाव दिया। उनकी जयंती उनके साहस, उनके सैन्य कौशल और स्वराज्य के उनके विचार को सम्मान देने का दिन है, यानी ऐसा राज्य जो अपने ही लोगों द्वारा और उनके लिए चलाया जाए।
बहुत से भारतीयों के लिए वे सुशासन के प्रतीक भी हैं। उन्होंने आठ मंत्रियों की एक परिषद बनाई, जिसे अष्टप्रधान कहा जाता था, और दरबार में फ़ारसी की जगह मराठी और संस्कृत को बढ़ावा दिया। वे महिलाओं और सभी धर्मों का सम्मान करने के लिए, और कोंकण तट की रक्षा के लिए मज़बूत नौसेना बनाने के लिए जाने जाते हैं। विद्यार्थी, सैनिक और हर दल के नेता नेतृत्व और सेवा की सीख के लिए उनके जीवन की ओर देखते हैं।
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती का इतिहास और कथा
शिवाजी का जन्म आज के पुणे ज़िले में जुन्नर के पास शिवनेरी क़िले में हुआ था। उनके पिता शाहाजी भोसले दक्कन की सल्तनतों की सेवा में थे, और उनकी माता जीजाबाई ने रामायण और महाभारत की कथाओं से उनके शुरुआती संस्कार गढ़े। उनके जन्म के लिए 19 फ़रवरी 1630 की तारीख़ सबसे ज़्यादा मानी जाती है।
किशोरावस्था में उन्होंने तोरणा क़िला जीता और सह्याद्रि की पहाड़ियों में अपना आधार बनाना शुरू किया। 1666 में आगरा से उनका बच निकलना और तेज़, छापामार शैली का युद्ध प्रसिद्ध हो गया। 1674 में रायगढ़ क़िले पर उनका छत्रपति के रूप में राज्याभिषेक हुआ। 1680 में रायगढ़ में ही उनका निधन हुआ।
उनकी जयंती का सार्वजनिक उत्सव उनकी गाथा से कहीं नया है। समाज सुधारक ज्योतिराव फुले ने 1870 में पुणे में शिव जयंती का आयोजन किया। बाद में बाल गंगाधर तिलक ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान लोगों को एकजुट करने के लिए इस उत्सव को बढ़ावा दिया। सही जन्मतिथि को लेकर लंबे समय से बहस रही है, और कुछ समूह आज भी हिंदू पंचांग की तिथि फाल्गुन कृष्ण तृतीया मानते हैं, जबकि महाराष्ट्र सरकार 19 फ़रवरी को जयंती मनाती है।
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती कैसे मनाते हैं
दिन की शुरुआत शहरों और गाँवों में शिवाजी महाराज की प्रतिमाओं और चित्रों पर श्रद्धांजलि से होती है। शिवनेरी क़िले पर भारी भीड़ जुटती है, जहाँ पालना नाम का झूले का समारोह उनके जन्म की याद दिलाता है। युवाओं की टोलियाँ जलती मशाल, शिव ज्योत, लेकर क़िलों से पैदल अपने शहरों तक जाती हैं।
ढोल-ताशा, लेज़िम नर्तकों और मराठा योद्धाओं की वेशभूषा में सजे लोगों की शोभा यात्राओं से सड़कें भर जाती हैं। स्कूलों में उनके जीवन पर भाषण, निबंध प्रतियोगिताएँ और नाटक होते हैं। बहुत से लोग रायगढ़, राजगढ़ और प्रतापगढ़ जैसे क़िलों पर जाते हैं, और कुछ समूह पहाड़ी क़िलों पर सफ़ाई अभियान चलाते हैं।
महत्वपूर्ण दिन और पल
- शिवनेरी पर पालना (गुरुवार, 19 फ़रवरी 2026 की सुबह)
उनके जन्मस्थान शिवनेरी क़िले पर झूले का समारोह, जिसमें बाल राजकुमार के जन्म के स्वागत में प्रार्थनाएँ और गीत होते हैं। - शिव ज्योत दौड़ (19 फ़रवरी से पहले के दिनों में और उस दिन)
सम्मान के प्रतीक के रूप में युवा ऐतिहासिक क़िलों से अपने शहरों तक पैदल या बाइक से जलती मशाल ले जाते हैं। - शोभा यात्राएँ और कार्यक्रम (दोपहर और शाम)
ढोल-ताशा टोलियाँ, लेज़िम नर्तक और उनके जीवन पर आधारित झाँकियाँ शहरों से गुज़रती हैं। स्कूलों और कॉलेजों में भाषण और नाटक होते हैं।
भारत भर में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती
यह त्योहार सबसे बड़े पैमाने पर महाराष्ट्र में मनाया जाता है, और गोवा, कर्नाटक में तथा दिल्ली, गुजरात और मध्य प्रदेश के मराठी समुदायों में भी मनाया जाता है। देहरादून में छोटा-सा मराठी समुदाय इस दिन श्रद्धांजलि और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करता है।
अन्य नाम और संबंधित त्योहार
- छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती
- शिव जयंती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती कब है?
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती शुक्रवार, 19 फ़रवरी 2027 को है।
क्या छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती पर बैंक बंद रहते हैं?
2027 की RBI बैंक अवकाश सूचियाँ अभी जारी नहीं हुई हैं; ये आमतौर पर दिसंबर या जनवरी में आती हैं। हर राज्य की अपनी सूची होती है, इसलिए तब अपने राज्य का बैंक अवकाश पेज देखें।
क्या छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती केंद्र सरकार की छुट्टी है?
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती प्रतिबंधित अवकाश है। केंद्र सरकार के कर्मचारी इसे साल के अपने दो प्रतिबंधित अवकाशों में से एक के रूप में ले सकते हैं।
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अन्य नाम क्या हैं?
छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती और शिव जयंती भी कहा जाता है।
शिवाजी जयंती क्यों मनाई जाती है?
यह मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती है। लोग उनके साहस, उनके न्यायपूर्ण शासन और स्वराज्य के उनके विचार को सम्मान देते हैं।
शिवाजी महाराज का जन्म कहाँ हुआ था?
उनका जन्म महाराष्ट्र के पुणे ज़िले में जुन्नर के पास शिवनेरी क़िले में हुआ था। उनकी जयंती पर यही क़िला उत्सव का मुख्य स्थान होता है।
शिव जयंती का उत्सव किसने शुरू किया?
ज्योतिराव फुले ने 1870 में पुणे में शिव जयंती का आयोजन किया। बाद में बाल गंगाधर तिलक ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इसे बड़ा सार्वजनिक उत्सव बना दिया।
शिवाजी जयंती कभी-कभी दो बार क्यों मनाई जाती है?
महाराष्ट्र सरकार 19 फ़रवरी को मानती है। कुछ समूह हिंदू पंचांग की तारीख़ फाल्गुन कृष्ण तृतीया को पसंद करते हैं, जो हर साल अलग दिन पड़ती है।
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