ईसाई
गुड फ्राइडे 2027 Good Friday
ईसा मसीह के सूली पर चढ़ने का दिन
शुक्रवार, 26 मार्च 2027
गुड फ्राइडे वह गंभीर दिन है जब ईसाई ईसा मसीह के क्रूस पर चढ़ाए जाने और उनकी मृत्यु को याद करते हैं। यह उपवास, प्रार्थना और क्रूस के मार्ग के साथ मनाया जाता है।
तारीख कैसे तय होती है: ईस्टर संडे से पहले का शुक्रवार। ईस्टर 21 मार्च या उसके बाद की पहली पूर्णिमा के बाद आने वाला पहला रविवार होता है, इसलिए गुड फ्राइडे 20 मार्च से 23 अप्रैल के बीच पड़ता है।

गुड फ्राइडे क्यों मनाते हैं
गुड फ्राइडे वह दिन है जब ईसाई यरूशलम के ठीक बाहर कलवारी में क्रूस पर ईसा मसीह के कष्ट और मृत्यु को याद करते हैं। यह ईसाई वर्ष का सबसे गंभीर दिन है। ज़्यादातर त्योहारों से अलग, यह उत्सव का नहीं बल्कि शोक, प्रार्थना और उपवास का दिन है।
ईसाई मानते हैं कि ईसा, जिन्हें वे परमेश्वर का पुत्र मानते हैं, ने मानवता के पापों का बोझ उठाने के लिए अपनी इच्छा से प्राण दिए, और उनकी मृत्यु से क्षमा और परमेश्वर के साथ शांति का रास्ता खुला। बहुत से लोगों को "गुड" (अच्छा) शब्द पर हैरानी होती है। एक आम जवाब यह है कि विश्वासियों के अनुसार इस दिन जो हासिल हुआ, उसके कारण यह दिन अच्छा है। दूसरा जवाब यह है कि यहाँ "गुड" शब्द अंग्रेज़ी के पुराने अर्थ, यानी पवित्र, में इस्तेमाल हुआ है।
यह दिन अकेला नहीं है। इसके बाद होली सैटरडे आता है, जो शांत प्रतीक्षा का दिन है, और फिर ईस्टर संडे, जब ईसाई ईसा के पुनरुत्थान का उत्सव मनाते हैं। इसलिए गुड फ्राइडे में दुख और आशा दोनों साथ-साथ हैं। विश्वासियों के लिए यह त्याग पर विचार करने, दूसरों को क्षमा करने और पीड़ितों के साथ खड़े होने का आह्वान है।
गुड फ्राइडे का इतिहास और कथा
न्यू टेस्टामेंट के चारों सुसमाचार, मत्ती, मरकुस, लूका और यूहन्ना, इस दिन की घटनाओं का वर्णन करते हैं। इनके अनुसार ईसा यहूदियों के पर्व पास्का के लिए यरूशलम आए थे। गुरुवार की शाम उन्होंने अपने बारह शिष्यों के साथ अंतिम भोज किया। उसी रात बाद में वे गतसमनी के बाग़ में प्रार्थना कर रहे थे, जहाँ बारह शिष्यों में से एक, यहूदा इस्करियोती के विश्वासघात के बाद सैनिकों ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया।
महायाजकों ने ईसा से पूछताछ की और फिर उन्हें यहूदिया के रोमन गवर्नर पोंटियस पिलातुस को सौंप दिया। सुसमाचार कहते हैं कि पिलातुस को उनमें कोई दोष नहीं मिला, पर वह भीड़ की माँग के आगे झुक गया। ईसा को कोड़े मारे गए, काँटों का मुकुट पहनाकर उनका मज़ाक़ उड़ाया गया, और उन्हें गोलगोथा नाम की पहाड़ी तक अपना क्रूस ढोने को मजबूर किया गया। उन्हें दो अपराधियों के बीच क्रूस पर चढ़ाया गया। सुसमाचारों में क्रूस से कहे गए सात छोटे वचन दर्ज हैं, जिनमें एक प्रार्थना भी है कि परमेश्वर उन्हें क्षमा करे जिन्होंने उन्हें क्रूस पर चढ़ाया। दोपहर में उनकी मृत्यु हुई, और सूर्यास्त से पहले उनका शरीर एक क़ब्र में रख दिया गया।
इतिहासकार आमतौर पर क्रूस पर चढ़ाए जाने की घटना को ईसवी सन 30 से 33 के बीच रखते हैं। शुरुआती ईसाई इसकी बरसी उपवास से मनाते थे। चौथी सदी तक यरूशलम में तीर्थयात्री क्रूस के मार्ग पर चलने लगे थे और उन वस्तुओं का सम्मान करने लगे थे जिन्हें वे क्रूस के अवशेष मानते थे। यह परंपरा पूरे चर्च में फैली और आज मनाए जाने वाले कई रीति-रिवाज़ों का आधार बनी।
गुड फ्राइडे कैसे मनाते हैं
गुड फ्राइडे पर चर्च बिल्कुल अलग दिखते हैं। वेदी ख़ाली छोड़ दी जाती है, मोमबत्तियाँ बुझा दी जाती हैं, और क्रूस व मूर्तियों को अक्सर बैंगनी या काले कपड़े से ढक दिया जाता है। चर्च की घंटियाँ ख़ामोश रहती हैं। कैथोलिक परंपरा में इस दिन मिस्सा नहीं होता। इसकी जगह दोपहर में, आमतौर पर लगभग तीन बजे, एक विशेष आराधना होती है, क्योंकि माना जाता है कि इसी समय ईसा की मृत्यु हुई थी।
इस आराधना के तीन हिस्से होते हैं। पहले पाठ होते हैं, जिनमें यूहन्ना के सुसमाचार से दुखभोग का लंबा वृत्तांत शामिल है। फिर लोग एक-एक करके आगे आते हैं और क्रूस के सामने घुटने टेककर या उसे चूमकर उसका सम्मान करते हैं। अंत में पिछली शाम अभिषिक्त की गई रोटी से पवित्र परमप्रसाद दिया जाता है।
कई पल्लियों में क्रूस का मार्ग होता है, जिसे स्टेशन्स ऑफ़ द क्रॉस भी कहते हैं। विश्वासी ईसा की अंतिम यात्रा के चौदह दृश्यों से होकर गुज़रते हैं और हर दृश्य पर रुककर प्रार्थना करते हैं। कुछ जगहों पर युवा दुखभोग को नाटक के रूप में प्रस्तुत करते हैं। कई प्रोटेस्टेंट चर्चों में दोपहर बारह बजे से तीन घंटे की आराधना होती है, जिसमें सात अंतिम वचनों पर मनन किया जाता है।
उपवास इस दिन का हिस्सा है। कैथोलिक वयस्क केवल एक पूरा भोजन और दो हल्के नाश्ते लेते हैं, और मांस से परहेज़ करते हैं। कई भारतीय ईसाई परिवार सादा शाकाहारी या मछली वाला भोजन करते हैं, और कुछ शाम की आराधना तक केवल पानी लेते हैं। लोग सादे कपड़े पहनते हैं, अक्सर सफ़ेद या गहरे रंग के। "हैप्पी गुड फ्राइडे" जैसी शुभकामनाओं से बचा जाता है, क्योंकि यह शोक का दिन है।
महत्वपूर्ण दिन और पल
- मॉन्डी थर्सडे (पुण्य गुरुवार) (गुरुवार, 2 अप्रैल 2026)
चर्च शाम की आराधना से अंतिम भोज को याद करते हैं, जिसमें अक्सर पैर धोने की रस्म होती है, और उसके बाद वेदी ख़ाली कर दी जाती है। - क्रूस का मार्ग (शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026 की सुबह)
विश्वासी उन चौदह स्थानों पर प्रार्थना करते हैं जो कलवारी तक ईसा की यात्रा को दर्शाते हैं, कभी-कभी खुले में जुलूस या नाटक के रूप में। - दुखभोग की आराधना (3 अप्रैल 2026 की दोपहर)
दोपहर लगभग तीन बजे दुखभोग के पाठ, क्रूस का सम्मान और पवित्र परमप्रसाद होता है। - ईस्टर विजिल (ईस्टर जागरण) (शनिवार, 4 अप्रैल 2026 की रात)
चर्च अँधेरे में नई अग्नि और ईस्टर मोमबत्ती जलाते हैं, जिससे शोक का समय समाप्त होता है। - ईस्टर संडे (रविवार, 5 अप्रैल 2026)
ईसाई आनंद भरी आराधनाओं, भजनों और पारिवारिक भोज के साथ ईसा के पुनरुत्थान का उत्सव मनाते हैं।
भारत भर में गुड फ्राइडे
भारत के ईसाई समुदाय यह दिन अपने-अपने तरीक़े से मनाते हैं। केरल में विश्वासी नंगे पाँव मलयाट्टूर पहाड़ी पर चढ़ते हैं, कई लोग लकड़ी के क्रूस उठाए रहते हैं; लेंट और पवित्र सप्ताह में इस तीर्थयात्रा में भारी भीड़ जुटती है। गोवा में पल्लियाँ मृत ईसा की प्रतिमा के साथ जुलूस निकालती हैं, और कई परिवार कड़ा उपवास रखते हैं। मुंबई, वसई और मंगलुरु के चर्च खुले में क्रूस के मार्ग का आयोजन करते हैं। पूर्वोत्तर में, ख़ासकर मिज़ोरम, नगालैंड और मेघालय में, पूरा क्षेत्र इस दिन थम-सा जाता है।
देहरादून और मसूरी में औपनिवेशिक दौर के पुराने चर्च और कई नई पल्लियाँ दोपहर की आराधना और क्रूस के मार्ग का आयोजन करती हैं। मिशनरी स्कूल, जो दून घाटी में बहुत हैं, बंद रहते हैं।
अन्य नाम और संबंधित त्योहार
- ब्लैक फ्राइडे (कुछ परंपराओं में)
- ग्रेट फ्राइडे
- होली फ्राइडे (पवित्र शुक्रवार)
ईस्टर संडे 28 मार्च 2027
मौंडी थर्सडे
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में गुड फ्राइडे कब है?
गुड फ्राइडे शुक्रवार, 26 मार्च 2027 को है।
क्या गुड फ्राइडे पर बैंक बंद रहते हैं?
2027 की RBI बैंक अवकाश सूचियाँ अभी जारी नहीं हुई हैं; ये आमतौर पर दिसंबर या जनवरी में आती हैं। हर राज्य की अपनी सूची होती है, इसलिए तब अपने राज्य का बैंक अवकाश पेज देखें।
क्या गुड फ्राइडे केंद्र सरकार की छुट्टी है?
हाँ। गुड फ्राइडे 2027 में केंद्र सरकार के सभी दफ़्तरों की अनिवार्य छुट्टियों में से एक है।
गुड फ्राइडे के अन्य नाम क्या हैं?
गुड फ्राइडे को ब्लैक फ्राइडे (कुछ परंपराओं में), ग्रेट फ्राइडे और होली फ्राइडे (पवित्र शुक्रवार) भी कहा जाता है।
जब ईसा की मृत्यु इसी दिन हुई, तो इसे गुड फ्राइडे क्यों कहते हैं?
ईसाई मानते हैं कि उनकी मृत्यु से क्षमा और उद्धार मिला, इसलिए उनकी नज़र में यह दिन अच्छा है। एक और व्याख्या यह है कि अंग्रेज़ी में "गुड" का एक अर्थ कभी पवित्र भी होता था।
गुड फ्राइडे की तारीख़ कैसे तय होती है?
यह ईस्टर से पहले का शुक्रवार है। ईस्टर 21 मार्च या उसके बाद की पहली पूर्णिमा के बाद आने वाला पहला रविवार होता है, इसलिए गुड फ्राइडे 20 मार्च से 23 अप्रैल के बीच बदलता रहता है।
क्या मुझे हैप्पी गुड फ्राइडे कहना चाहिए?
न कहना बेहतर है। गुड फ्राइडे ईसाइयों के लिए शोक का दिन है, इसलिए लोग आमतौर पर उत्सव वाली शुभकामनाओं की जगह सम्मानपूर्ण विचार या प्रार्थनाएँ साझा करते हैं।
क्या गुड फ्राइडे भारत में बैंक अवकाश है?
हाँ। गुड फ्राइडे राजपत्रित अवकाश है, और 3 अप्रैल 2026 को पूरे भारत में बैंक बंद रहते हैं।
अगले 30 दिनों के ईसाई त्योहार
अगले 30 दिनों में कोई और त्योहार नहीं।
प्रमुख ईसाई त्योहार
- 28 मार्चरवि
ईस्टर संडे
- 25 दिसंशनि
क्रिसमस
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सार्वजनिक छुट्टी प्रमुख त्योहार आज
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दुर्गा पूजा
- मंगल, 20 अक्टू
दशहरा
- रवि, 8 नवं
दिवाली
- रवि, 15 नवं
छठ पूजा
- मंगल, 24 नवं
गुरु नानक जयंती