ईसाई
ईस्टर संडे 2027 Easter Sunday
ईसा मसीह के पुनर्जीवन का दिन
रविवार, 28 मार्च 2027
ईस्टर संडे ईसाइयों का सबसे महत्वपूर्ण त्योहार है। यह इस विश्वास का उत्सव है कि ईसा मसीह सूली पर चढ़ाए जाने के तीसरे दिन मृतकों में से जी उठे।
तारीख कैसे तय होती है: 21 मार्च को या उसके बाद पड़ने वाली चर्च की पूर्णिमा के बाद का पहला रविवार; पश्चिमी कैलेंडर में यह 22 मार्च से 25 अप्रैल के बीच आता है

ईस्टर संडे क्यों मनाते हैं
ईसाइयों के लिए ईस्टर उनकी आस्था का केंद्र है। वे मानते हैं कि गुड फ्राइडे को सूली पर चढ़ाए गए ईसा मसीह अगले रविवार को मृतकों में से जी उठे। इस पुनरुत्थान को पाप और मृत्यु पर ईश्वर की जीत और विश्वास करने वाले सभी लोगों के लिए नए जीवन का वादा माना जाता है। बहुत से ईसाई कहते हैं कि ईस्टर के बिना ईसाई आस्था ही नहीं होती, इसलिए चर्च के वर्ष में इसका स्थान क्रिसमस से भी ऊपर है।
यह दिन आशा का संदेश देता है। गुड फ्राइडे के शोक और होली सैटरडे की ख़ामोशी के बाद ईस्टर की सुबह ख़ुशी, क्षमा और नई शुरुआत की बात करती है। चर्चों में लोग एक-दूसरे का अभिवादन "मसीह जी उठे हैं" कहकर करते हैं, और जवाब मिलता है, "सचमुच वे जी उठे हैं"। यह त्योहार दुनिया के उत्तरी हिस्से में वसंत ऋतु में आता है, इसलिए नए जीवन के प्रतीक, जैसे अंडे, फूल और मेमने, इसकी परंपराओं का हिस्सा बन गए।
ईस्टर सिर्फ़ एक दिन नहीं है। इससे पचास दिनों का एक मौसम शुरू होता है, जिसे ईस्टरटाइड कहते हैं और जो पेंटेकोस्ट पर ख़त्म होता है। श्रद्धालुओं के लिए यह बपतिस्मा के वचनों को दोहराने, चर्च लौटने और ग़रीबों और अकेले लोगों तक पहुँचने का समय है।
ईस्टर संडे का इतिहास और कथा
बाइबिल के चार सुसमाचार यह कथा बताते हैं। ईसा मसीह को यरूशलम में गिरफ़्तार किया गया, रोमन गवर्नर पोंटियस पिलातुस के सामने उन पर मुक़दमा चला और लगभग ईसवी सन 30 से 33 के बीच उन्हें सूली पर चढ़ाया गया। शुक्रवार की शाम उनके शरीर को चट्टान में बनी एक क़ब्र में रखा गया। रविवार तड़के उनकी अनुयायी महिलाओं ने, जिनमें मरियम मगदलीनी भी थीं, क़ब्र को ख़ाली पाया, और सुसमाचारों के अनुसार इसके बाद ईसा कई बार अपने शिष्यों के सामने प्रकट हुए।
ये घटनाएँ यहूदी त्योहार पासओवर के दौरान हुईं, जो मिस्र से इस्राएलियों के निकल आने की याद में मनाया जाता है। ईसा ने अपने शिष्यों के साथ जो अंतिम भोज किया, वह भी इसी पर्व से जुड़ा था। इसीलिए ईस्टर का यूनानी और लैटिन नाम पास्का है, जो हिब्रू शब्द पेसाख से बना है, और इसीलिए ईस्टर की तारीख़ आज भी चंद्रमा पर निर्भर करती है।
शुरुआती ईसाई तारीख़ पर एकमत नहीं थे। ईसवी सन 325 में नाइसिया की परिषद ने तय किया कि सभी चर्च ईस्टर रविवार को मनाएँगे, और बाद में चर्च के विद्वानों ने वह नियम तय किया जो आज चलता है: 21 मार्च को या उसके बाद की चर्च की पूर्णिमा के बाद का पहला रविवार। पश्चिमी चर्च इसके लिए ग्रेगोरियन कैलेंडर मानते हैं, जबकि कई पूर्वी ऑर्थोडॉक्स चर्च पुराना जूलियन कैलेंडर इस्तेमाल करते हैं। 2026 में पश्चिमी ईस्टर 5 अप्रैल को और ऑर्थोडॉक्स ईस्टर 12 अप्रैल को है।
माना जाता है कि अंग्रेज़ी शब्द ईस्टर इंग्लैंड के एक पुराने वसंत उत्सव के नाम ईओस्ट्रे से आया है, जिसका उल्लेख आठवीं शताब्दी में भिक्षु बीड ने किया था।
ईस्टर संडे कैसे मनाते हैं
ईस्टर की तैयारी लेंट के दौरान होती है, जो उपवास, प्रार्थना और दान की लगभग चालीस दिनों की अवधि है और ऐश वेडनेसडे से शुरू होती है। 2026 में लेंट 18 फ़रवरी को शुरू हुआ। आख़िरी हफ़्ता, जिसे होली वीक कहते हैं, पाम संडे से शुरू होता है, जब चर्च यरूशलम में ईसा के प्रवेश की याद में ताड़ की पत्तियाँ बाँटते हैं। मॉन्डी थर्सडे अंतिम भोज की याद में मनाया जाता है, अक्सर पैर धोने की सेवा के साथ। गुड फ्राइडे शोक का दिन है, जिसमें क्रूस मार्ग की प्रार्थना और दोपहर में लंबी आराधनाएँ होती हैं।
शनिवार की रात कई कैथोलिक, एंग्लिकन और ऑर्थोडॉक्स चर्चों में ईस्टर विजिल होता है। चर्च अँधेरे में शुरू होता है। बाहर एक नई आग जलाई जाती है, उससे ऊँची पास्का मोमबत्ती जलाकर अंदर लाई जाती है, और लोग एक मोमबत्ती से दूसरी मोमबत्ती तक लौ आगे बढ़ाते हैं। घंटियाँ बजती हैं, लेंट के बाद ग्लोरिया और हालेलूयाह फिर गाए जाते हैं, और अक्सर नए सदस्यों का बपतिस्मा होता है। प्रोटेस्टेंट चर्च इसके बजाय रविवार सुबह सूर्योदय आराधना कर सकते हैं।
चर्च के बाद परिवार मिलकर त्योहारी भोजन करते हैं, रिश्तेदारों से मिलते हैं और उपहार देते हैं। नए जीवन के प्रतीक के रूप में बच्चों को रंगे हुए या चॉकलेट के अंडे दिए जाते हैं। कई पैरिश ग़रीबों को भोजन बाँटते हैं और बीमारों से मिलने जाते हैं।
महत्वपूर्ण दिन और पल
- पाम संडे (रविवार, 29 मार्च 2026)
यरूशलम में ईसा के प्रवेश की याद में ताड़ की पत्तियों के जुलूस के साथ होली वीक शुरू होता है। - मॉन्डी थर्सडे (गुरुवार, 2 अप्रैल 2026)
चर्च अंतिम भोज को याद करते हैं, और कई पादरी ईसा की तरह बारह लोगों के पैर धोते हैं। - गुड फ्राइडे (शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026)
सूली पर चढ़ाए जाने की याद में उपवास और शोक का दिन, जिसमें क्रूस मार्ग और दोपहर की प्रार्थनाएँ होती हैं। - ईस्टर विजिल (शनिवार, 4 अप्रैल 2026 की रात)
आराधना अँधेरे में नई आग और पास्का मोमबत्ती के साथ शुरू होती है, फिर ख़ुशी के भजनों में बदल जाती है। - ईस्टर संडे (रविवार, 5 अप्रैल 2026)
सुबह की आराधना में पुनरुत्थान का उत्सव मनाया जाता है, जिसके बाद पारिवारिक भोजन, मेल-मिलाप और अंडों के उपहार होते हैं।
भारत भर में ईस्टर संडे
केरल, जहाँ दुनिया के सबसे पुराने ईसाई समुदायों में से एक रहता है, वहाँ कई सीरियाई ईसाई परिवार ईस्टर से पहले लगभग पचास दिनों का सख़्त उपवास रखते हैं, जिसमें मांस, मछली और अंडे छोड़ दिए जाते हैं। उपवास आधी रात की आराधना के बाद अप्पम और चिकन या मटन स्टू के नाश्ते के साथ टूटता है। परंपरा के अनुसार ईसाई धर्म पहली शताब्दी में प्रेरित संत थॉमस के साथ केरल पहुँचा।
गोवा में ईस्टर विजिल के लिए चर्च खचाखच भरे रहते हैं, और घरों में मार्जिपान के अंडे और दूसरी मिठाइयाँ बनती हैं। नागालैंड, मिज़ोरम और मेघालय में, जहाँ ज़्यादातर लोग ईसाई हैं, पूरे के पूरे शहर चर्च की आराधनाओं, गायक मंडलियों और सामूहिक भोज में शामिल होते हैं। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के ऐतिहासिक चर्चों में भी बड़ी आराधनाएँ होती हैं।
उत्तराखंड में देहरादून के ईसाई परिवार शहर के चर्चों में आराधना में जाते हैं, और मसूरी, लंढौर और नैनीताल के पुराने पहाड़ी चर्चों में ईस्टर की आराधना होती है, जिसमें स्थानीय लोग और सैलानी दोनों आते हैं।
अन्य नाम और संबंधित त्योहार
- ईस्टर डे
- पास्का
- पुनरुत्थान रविवार
गुड फ्राइडे 26 मार्च 2027
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में ईस्टर संडे कब है?
ईस्टर संडे रविवार, 28 मार्च 2027 को है।
क्या ईस्टर संडे पर बैंक बंद रहते हैं?
2027 की RBI बैंक अवकाश सूचियाँ अभी जारी नहीं हुई हैं; ये आमतौर पर दिसंबर या जनवरी में आती हैं। हर राज्य की अपनी सूची होती है, इसलिए तब अपने राज्य का बैंक अवकाश पेज देखें।
क्या ईस्टर संडे केंद्र सरकार की छुट्टी है?
ईस्टर संडे प्रतिबंधित अवकाश है। केंद्र सरकार के कर्मचारी इसे साल के अपने दो प्रतिबंधित अवकाशों में से एक के रूप में ले सकते हैं।
ईस्टर संडे के अन्य नाम क्या हैं?
ईस्टर संडे को ईस्टर डे, पास्का और पुनरुत्थान रविवार भी कहा जाता है।
ईस्टर क्यों मनाया जाता है?
ईसाई इस विश्वास के उत्सव में ईस्टर मनाते हैं कि ईसा मसीह सूली पर चढ़ाए जाने के तीन दिन बाद मृतकों में से जी उठे। यह ईसाई वर्ष का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है।
ईस्टर की तारीख़ कैसे तय होती है?
ईस्टर 21 मार्च को या उसके बाद की चर्च की पूर्णिमा के बाद के पहले रविवार को पड़ता है। इसलिए यह 22 मार्च से 25 अप्रैल के बीच कभी भी आ सकता है।
ऑर्थोडॉक्स ईसाइयों का ईस्टर अलग तारीख़ को क्यों होता है?
कई ऑर्थोडॉक्स चर्च ईस्टर की गणना पुराने जूलियन कैलेंडर से करते हैं। 2026 में उनका ईस्टर 12 अप्रैल को है, पश्चिमी तारीख़ से एक हफ़्ते बाद।
ईस्टर के अंडों का क्या अर्थ है?
अंडे बंद खोल से निकलने वाले नए जीवन के प्रतीक हैं, कुछ-कुछ ख़ाली क़ब्र की तरह। सजे हुए अंडे देना ईस्टर की एक लोकप्रिय परंपरा बन गई।
क्या भारत में ईस्टर सार्वजनिक अवकाश है?
ईस्टर संडे प्रतिबंधित अवकाश है, जबकि ईस्टर के समय का राष्ट्रीय राजपत्रित अवकाश गुड फ्राइडे है।
अगले 30 दिनों के ईसाई त्योहार
अगले 30 दिनों में कोई और त्योहार नहीं।
प्रमुख ईसाई त्योहार
- 26 मार्चशुक्र
गुड फ्राइडे
- 25 दिसंशनि
क्रिसमस
केंद्र सरकार की आने वाली छुट्टियाँ
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