राष्ट्रीय · पश्चिम बंगाल
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती 2027 Rabindranath Tagore Jayanti
गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर का जन्मदिन
रविवार, 9 मई 2027
नोबेल पुरस्कार विजेता कवि और भारत के राष्ट्रगान के रचयिता रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती, जो 25 बैशाख को गीत, कविता और नृत्य के साथ मनाई जाती है।
तारीख कैसे तय होती है: बांग्ला माह बैशाख का 25वाँ दिन (पोचीशे बैशाख); ग्रेगोरियन कैलेंडर में उनकी जन्मतिथि 7 मई 1861 है
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती क्यों मनाते हैं
रवींद्रनाथ टैगोर कवि, गीतकार, उपन्यासकार, चित्रकार, शिक्षक और विचारक थे, जिनके काम ने आधुनिक भारतीय संस्कृति को आकार दिया। 1913 में वे गीतांजलि के लिए साहित्य का नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई बने। गीतांजलि भक्ति कविताओं का संग्रह है, जिसका अंग्रेज़ी अनुवाद उन्होंने ख़ुद किया था। उन्होंने भारत का राष्ट्रगान जन गण मन और बांग्लादेश का राष्ट्रगान आमार शोनार बांग्ला लिखा।
उनकी जयंती रचनात्मकता और स्वतंत्र सोच का उत्सव है। टैगोर ने ऐसी शिक्षा की वकालत की जो प्रकृति से जुड़ी हो और दुनिया के लिए खुली हो, ऐसे देशप्रेम की जो दूसरों के प्रति नफ़रत में न बदले, और गाँव के जीवन की गरिमा की।
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती का इतिहास और कथा
उनका जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता के जोड़ासाँको ठाकुरबाड़ी में हुआ था। वे ब्रह्म समाज के नेता देवेंद्रनाथ टैगोर के सबसे छोटे बेटे थे। उन्होंने बचपन से कविता लिखी और आगे चलकर दो हज़ार से ज़्यादा गीत रचे, जिन्हें आज रवींद्र संगीत कहा जाता है, साथ ही गोरा और घरे बाइरे जैसे उपन्यास, नाटक, कहानियाँ और निबंध भी लिखे। साठ की उम्र के बाद उन्होंने चित्रकारी शुरू की और बड़ी संख्या में कलाकृतियाँ छोड़ गए।
1901 में उन्होंने शांतिनिकेतन में एक छोटा स्कूल शुरू किया, जो 1921 में विश्व भारती बना। आज़ादी के बाद यह केंद्रीय विश्वविद्यालय बना, और शांतिनिकेतन अब यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल है। अंग्रेज़ों ने 1915 में उन्हें नाइटहुड की उपाधि दी, और 1919 में जलियाँवाला बाग़ हत्याकांड के विरोध में उन्होंने यह उपाधि लौटा दी। 7 अगस्त 1941 को कोलकाता में उनका निधन हुआ।
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती कैसे मनाते हैं
यह दिन धार्मिक अनुष्ठानों के बजाय संगीत, कविता और नाटक के साथ मनाया जाता है। स्कूल, कॉलेज और सांस्कृतिक संस्थाएँ रवींद्र संगीत, उनकी कविताओं का पाठ और चित्रांगदा व श्यामा जैसी उनकी नृत्य नाटिकाओं का मंचन करती हैं। लोग उनके चित्र पर माला चढ़ाते हैं, और कई जगहों पर दिन की शुरुआत प्रभात फेरी से होती है, यानी भोर में गीत गाते हुए निकलने वाली यात्रा। पुस्तकालय और किताबों की दुकानें उनके लेखन और चित्रों की प्रदर्शनियाँ लगाती हैं, और बच्चे चित्रकला और कविता पाठ की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं।
महत्वपूर्ण दिन और पल
- प्रभात फेरी (शनिवार, 9 मई 2026 की भोर)
छात्र और प्रशंसक दिन के स्वागत में रवींद्र संगीत गाते हुए मोहल्लों से गुज़रते हैं। - सांस्कृतिक कार्यक्रम (दिन भर)
स्कूल और संस्थाएँ उनके गीतों, कविताओं और नृत्य नाटिकाओं का मंचन करती हैं और उनके चित्र पर माला चढ़ाती हैं। - जोड़ासाँको और शांतिनिकेतन में उत्सव (25 बैशाख)
कोलकाता में उनका जन्मस्थान और विश्व भारती का परिसर संगीत और पाठ के साथ सबसे प्रसिद्ध आयोजन करते हैं।
भारत भर में रवींद्रनाथ टैगोर जयंती
पश्चिम बंगाल में यह दिन बड़े पैमाने पर मनाया जाता है, ख़ासकर कोलकाता के जोड़ासाँको और शांतिनिकेतन में। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, गुवाहाटी और अगरतला के बंगाली संगठन अपने अपने कार्यक्रम करते हैं। बांग्लादेश अपने संशोधित बांग्ला कैलेंडर के अनुसार यह दिन 8 मई को मनाता है।
उत्तराखंड से भी उनका नाता है। बीसवीं सदी की शुरुआत में टैगोर ने नैनीताल ज़िले के रामगढ़ में कुछ समय बिताया था, और जिस पहाड़ी पर वे ठहरे थे उसे आज भी स्थानीय लोग टैगोर टॉप कहते हैं। उनकी जयंती के आसपास स्कूली बच्चे वहाँ जुटकर गीत गाते हैं और उन्हें याद करते हैं।
अन्य नाम और संबंधित त्योहार
- रवींद्रनाथ का जन्मदिन
- पोचीशे बैशाख
- रवींद्र जयंती
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2027 में रवींद्रनाथ टैगोर जयंती कब है?
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती रविवार, 9 मई 2027 को है।
क्या रवींद्रनाथ टैगोर जयंती पर बैंक बंद रहते हैं?
2027 की RBI बैंक अवकाश सूचियाँ अभी जारी नहीं हुई हैं; ये आमतौर पर दिसंबर या जनवरी में आती हैं। हर राज्य की अपनी सूची होती है, इसलिए तब अपने राज्य का बैंक अवकाश पेज देखें।
क्या रवींद्रनाथ टैगोर जयंती केंद्र सरकार की छुट्टी है?
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती प्रतिबंधित अवकाश है। केंद्र सरकार के कर्मचारी इसे साल के अपने दो प्रतिबंधित अवकाशों में से एक के रूप में ले सकते हैं।
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती के अन्य नाम क्या हैं?
रवींद्रनाथ टैगोर जयंती को रवींद्रनाथ का जन्मदिन, पोचीशे बैशाख और रवींद्र जयंती भी कहा जाता है।
रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म कब हुआ था?
उनका जन्म 7 मई 1861 को कोलकाता में हुआ था। बंगाली उनकी जयंती बांग्ला कैलेंडर के 25 बैशाख को मनाते हैं, जो 8 या 9 मई को पड़ती है।
टैगोर जयंती को पोचीशे बैशाख क्यों कहते हैं?
बांग्ला में पोचीशे का अर्थ है पच्चीसवाँ, और बैशाख बांग्ला वर्ष का पहला महीना है। यह नाम उस कैलेंडर के अनुसार उनकी जन्मतिथि बताता है।
टैगोर ने कौन से राष्ट्रगान लिखे?
उन्होंने भारत का राष्ट्रगान जन गण मन और बांग्लादेश का राष्ट्रगान आमार शोनार बांग्ला लिखा।
टैगोर को नोबेल पुरस्कार किसके लिए मिला?
उन्हें भक्ति कविताओं की पुस्तक गीतांजलि के लिए 1913 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार मिला। वे साहित्य का नोबेल पुरस्कार पाने वाले पहले एशियाई थे।
अगले 30 दिनों के राष्ट्रीय त्योहार
अगले 30 दिनों में कोई और त्योहार नहीं।
प्रमुख राष्ट्रीय त्योहार
- 26 जनमंगल
गणतंत्र दिवस
- 15 अगरवि
स्वतंत्रता दिवस
- 2 अक्टूशनि
गांधी जयंती
केंद्र सरकार की आने वाली छुट्टियाँ
आपके राज्य की छुट्टियाँ
बैंक, राज्य सरकार और स्कूलों की छुट्टियाँ हर राज्य में अलग होती हैं। अपना राज्य चुनें:
छुट्टियों और त्योहारों का कैलेंडर: अक्टूबर और नवंबर 2026
पूरे भारत के लिए केंद्र सरकार की छुट्टियाँ और प्रमुख त्योहार। बैंक, राज्य सरकार और स्कूलों की छुट्टियों के लिए अपना राज्य खोलें: असम, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, ओडिशा, कर्नाटक, केरल, गुजरात, गोवा, छत्तीसगढ़, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, दिल्ली, पंजाब, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश.
| सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि | रवि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | 2
शुक्रवार, 2 अक्टूबर गांधी जयंती 2 अक्टूबर को गांधी जयंती भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नेता और सत्य व अहिंसा की आवाज़ महात्मा गांधी की जयंती है। |
3 | 4 | |||
| 5 | 6 | 7 | 8 | 9 | 10 | 11
रविवार, 11 अक्टूबर शारदीय नवरात्रि शारदीय नवरात्रि माँ दुर्गा का नौ रातों का शरद ऋतु का त्योहार है, जो घटस्थापना से शुरू होकर दशहरे तक चलता है। इसमें व्रत, पूजा-पाठ, गरबा और दुर्गा पूजा होती है। |
| 12 | 13 | 14 | 15 | 16 | 17
शनिवार, 17 अक्टूबर दुर्गा पूजा दुर्गा पूजा महिषासुर राक्षस पर देवी दुर्गा की जीत का उत्सव है। भव्य पंडाल, ढाक की थाप, पूजा-अर्चना और भोज इसकी पहचान हैं, ख़ासकर पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत... |
18 |
| 19 | 20
मंगलवार, 20 अक्टूबर दशहरा दशहरा, यानी विजयादशमी, बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव है। यह भगवान राम की रावण पर विजय और देवी दुर्गा की महिषासुर पर जीत की याद दिलाता है। |
21 | 22 | 23 | 24 | 25 |
| 26 | 27 | 28 | 29 | 30 | 31 |
| सोम | मंगल | बुध | गुरु | शुक्र | शनि | रवि |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | ||||||
| 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8
रविवार, 8 नवंबर दिवाली रोशनी का त्योहार दिवाली अंधकार पर प्रकाश की जीत का उत्सव है। कार्तिक की अमावस्या की रात लक्ष्मी पूजा होती है, दीयों की कतारें जलती हैं, मिठाइयाँ बँटती हैं और... |
| 9 | 10 | 11 | 12 | 13 | 14 | 15
रविवार, 15 नवंबर छठ पूजा छठ पूजा बिहार और पूर्वी भारत का चार दिन का त्योहार है, जिसमें व्रती उपवास रखते हैं और पानी में खड़े होकर डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देते हैं। |
| 16 | 17 | 18 | 19 | 20 | 21 | 22 |
| 23 | 24
मंगलवार, 24 नवंबर गुरु नानक जयंती गुरु नानक जयंती, जिसे प्रकाश पर्व भी कहते हैं, सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव जी के जन्म का उत्सव है। इस दिन अरदास, नगर कीर्तन, लंगर होते हैं और गुरुद्वा... |
25 | 26 | 27 | 28 | 29 |
| 30 |
सार्वजनिक छुट्टी प्रमुख त्योहार आज
- शनि, 17 अक्टू
दुर्गा पूजा
- मंगल, 20 अक्टू
दशहरा
- रवि, 8 नवं
दिवाली
- रवि, 15 नवं
छठ पूजा
- मंगल, 24 नवं
गुरु नानक जयंती