राष्ट्रीय
अंबेडकर जयंती 2026 Ambedkar Jayanti
डॉ. भीमराव आंबेडकर का जन्मदिन
मंगलवार, 14 अप्रैल 2026
14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पी और समानता के पैरोकार डॉ. बी.आर. अंबेडकर को श्रद्धांजलि, शोभायात्राओं और सार्वजनिक कार्यक्रमों के साथ याद किया जाता है।
तारीख कैसे तय होती है: तय तारीख़: हर साल 14 अप्रैल, डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती
अंबेडकर जयंती क्यों मनाते हैं
अंबेडकर जयंती भारत के संविधान के मुख्य शिल्पी डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर की जयंती है। 2026 में देश मंगलवार, 14 अप्रैल को उनकी 135वीं जयंती मना रहा है।
करोड़ों भारतीयों के लिए यह दिन गरिमा और बराबरी के अधिकारों का उत्सव है। अंबेडकर ने पूरा जीवन जातिगत भेदभाव और छुआछूत के ख़िलाफ़ संघर्ष में लगाया, और महिलाओं व मज़दूरों के अधिकारों के लिए काम किया। उनका संदेश "शिक्षित बनो, संघर्ष करो, संगठित रहो" आज भी सामाजिक आंदोलनों को राह दिखाता है। बहुत से लोग इस दिन को भीम जयंती कहते हैं, और कुछ समूह इसे समता दिवस के रूप में मनाते हैं।
अंबेडकर जयंती का इतिहास और कथा
अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को आज के मध्य प्रदेश में सैन्य छावनी महू में हुआ था। इस नगर का आधिकारिक नाम अब डॉ. अंबेडकर नगर है। उनका परिवार महार समुदाय से था, जिसे अछूत माना जाता था, और उन्हें बचपन से ही स्कूल में अपमान झेलना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने न्यूयॉर्क की कोलंबिया यूनिवर्सिटी और लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स से डॉक्टरेट की उपाधियाँ हासिल कीं और बैरिस्टर बने।
उन्होंने संविधान सभा की प्रारूप समिति की अध्यक्षता की, जिसने नवंबर 1949 में अपनाया गया संविधान तैयार किया। वे स्वतंत्र भारत के पहले क़ानून मंत्री रहे। अक्टूबर 1956 में, अपनी मृत्यु से कुछ हफ़्ते पहले, उन्होंने नागपुर में लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपनाया। उनकी मृत्यु के बाद 1990 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया। माना जाता है कि उनके सहयोगी जनार्दन सदाशिव रणपिसे ने 1928 में पुणे में उनके जन्मदिन का सार्वजनिक उत्सव शुरू किया था।
अंबेडकर जयंती कैसे मनाते हैं
दिन की शुरुआत सुबह जल्दी मुंबई की चैत्य भूमि से होती है, जहाँ अंबेडकर का अंतिम संस्कार हुआ था, और नागपुर की दीक्षाभूमि से, जहाँ उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया था। अनुयायी वहाँ श्रद्धांजलि देने के लिए कतारों में लगते हैं। पूरे देश में लोग उनकी प्रतिमाओं पर माला चढ़ाते हैं, नीले झंडों और चित्रों के साथ शोभायात्राएँ निकालते हैं और उनके सम्मान में गीत गाते हैं। बौद्ध अनुयायी विहारों में जाते हैं और पंचशील का पाठ करते हैं। स्कूल, कॉलेज और सरकारी संस्थाएँ व्याख्यान, निबंध प्रतियोगिताएँ और संविधान की प्रस्तावना का पाठ आयोजित करते हैं, जबकि राष्ट्रीय नेता नई दिल्ली में पुष्पांजलि अर्पित करते हैं।
महत्वपूर्ण दिन और पल
- चैत्य भूमि और दीक्षाभूमि पर श्रद्धांजलि (सुबह जल्दी, मंगलवार 14 अप्रैल 2026)
अनुयायी मुंबई के स्मारक और नागपुर में उनके बौद्ध धर्म अपनाने के स्थल पर जुटकर फूल चढ़ाते हैं और श्रद्धांजलि देते हैं। - राष्ट्रीय पुष्पांजलि (सुबह, 14 अप्रैल 2026)
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दूसरे नेता नई दिल्ली में उनकी प्रतिमा और चित्र पर फूल चढ़ाते हैं। - शोभायात्राएँ और जनसभाएँ (पूरे दिन)
नीले झंडों, चित्रों और संगीत के साथ रैलियाँ शहरों से गुज़रती हैं, जिसके बाद उनके जीवन और संविधान पर व्याख्यान होते हैं।
भारत भर में अंबेडकर जयंती
सबसे बड़े जमावड़े महाराष्ट्र में होते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में भी यह दिन जोश से मनाया जाता है, जहाँ महू में उनके जन्मस्थान के स्मारक पर बड़ा आयोजन होता है। उत्तराखंड में देहरादून, हरिद्वार और दूसरे शहरों में सामाजिक संगठन शोभायात्राएँ, रक्तदान शिविर और अंबेडकर प्रतिमाओं पर सभाएँ आयोजित करते हैं।
अन्य नाम और संबंधित त्योहार
- बाबासाहेब अंबेडकर जयंती
- भीम जयंती
- डॉ. बी.आर. अंबेडकर का जन्मदिन
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
2026 में अंबेडकर जयंती कब है?
अंबेडकर जयंती मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को है।
क्या अंबेडकर जयंती पर बैंक बंद रहते हैं?
2026 में अंबेडकर जयंती पर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, गोवा और जम्मू और कश्मीर में बैंक बंद रहते हैं; हर क्षेत्र अपनी RBI अवकाश सूची मानता है। दूसरे राज्यों में बैंक खुले रहते हैं, जब तक उस दिन रविवार या दूसरा या चौथा शनिवार न हो। अपना राज्य नीचे चुनकर देखें।
अंबेडकर जयंती पर किन राज्यों में सरकारी दफ़्तर बंद रहते हैं?
2026 में अंबेडकर जयंती पर उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, हरियाणा, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा और जम्मू और कश्मीर में राज्य सरकार के दफ़्तर बंद रहते हैं। पूरी अवकाश सूची के लिए नीचे अपना राज्य चुनें।
क्या अंबेडकर जयंती केंद्र सरकार की छुट्टी है?
नहीं। 2026 में अंबेडकर जयंती केंद्र सरकार के दफ़्तरों की छुट्टी नहीं है।
क्या अंबेडकर जयंती पर शेयर बाज़ार बंद रहता है?
हाँ। मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 को NSE और BSE में ट्रेडिंग बंद रहती है।
अंबेडकर जयंती के अन्य नाम क्या हैं?
अंबेडकर जयंती को बाबासाहेब अंबेडकर जयंती, भीम जयंती और डॉ. बी.आर. अंबेडकर का जन्मदिन भी कहा जाता है।
अंबेडकर जयंती क्यों मनाई जाती है?
यह डॉ. बी.आर. अंबेडकर की जयंती है, जिन्होंने भारतीय संविधान का प्रारूप तैयार करने का नेतृत्व किया और जातिगत भेदभाव के ख़िलाफ़ लड़े। यह दिन समानता और न्याय के लिए उनके काम का सम्मान करता है।
डॉ. अंबेडकर का जन्म कहाँ हुआ था?
उनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। इस नगर को अब डॉ. अंबेडकर नगर कहते हैं।
2026 में डॉ. अंबेडकर की कौन सी जयंती मनाई जा रही है?
14 अप्रैल 2026 को उनकी 135वीं जयंती है। यह मंगलवार को है।
अगले 30 दिनों के राष्ट्रीय त्योहार
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- 26 जनसोम
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सार्वजनिक छुट्टी प्रमुख त्योहार आज
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